जब महात्मा गांधी को नहीं मिला था कन्याकुमारी के मंदिर में प्रवेश, छुआछूत नहीं कुछ और थी वजह

समानता का अधिकार और कथित नीची जाति के लोगों को मंदिर में प्रवेश दिलाने के लिए आंदोलन छेड़ने के कारण दुनिया भर में महात्मा गांधी को जाना जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक बार राष्ट्रपिता को अपने ही देश में मंदिर में प्रवेश करने से रोक दिया गया था। हैरानी की बात यह है कि उन्हें जाति-धर्म या छुआछूत के कारण नहीं रोका गया था। आगे पढ़िए क्या थी असली वजह: बात 1925 की है, जब इंग्लैड से लौटे गांधी ने कन्याकुमारी के अम्मान मंदिर में जैसे ही प्रवेश के लिए कदम बढ़ाया तो उन्हें रोक दिया गया। जिसके बाद उन्हें मंदिर के बाहर खड़े होकर पूजा-अर्चना करनी पड़ी थी। दरअसल इसके पीछे उनका धर्म या जाति वजह नहीं थी, बल्कि सात समंदर पार विलायत यात्रा पर जाने के कारण उन्हें मंदिर के अंदर जाने से रोका गया था। उन दिनों समुद्र पार कर विदेश जाने वालों को अछूत माने जाने की परंपरा थी। 


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